Hanuman Janmotsav विशेष : बजरंगबली से सी‍खें पर्सनेलिटी डेवलपमेंट

Hanuman Janmotsav: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के सर्वोत्तम सेवक, सखा, सचिव और भक्त श्री हनुमान थे। जहां भी श्रीराम की आराधना होती है, हनुमान का स्मरण अपने आप हो आता है। वे सद्गुणों के भंडार थे। उनकी पूजा पूरे भारत और दुनिया के अनेक देशों में इतने अलग-अलग तरीकों से की जाती है कि उन्हें ‘जन देवता’ की संज्ञा दी जा सकती है।

Continue Reading

कवि कोकिल विद्यापति पुरस्कार- 2022 से नवाजे गए डॉ. बीरबल झा (Birbal Jha)

प्रसिद्ध सेल्फ़-हेल्प लेखक, सांस्कृतिक अभियानी और मिथिला गान एवं पाग गीत के रचनाकार डॉ. बीरबल झा (Dr, Birbal Jha) को उनके साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यों और समाज सेवा में योगदान के लिए ‘कवि कोकिल विद्यापति पुरस्कार- 2022’ से सम्मानित किया गया।

Continue Reading
Nida Fazli

Nida Fazli: निदा फाजली को याद करते हुए

Nida Fazli: पुण्यस्मरण/जयराम शुक्ल Nida Fazli साहब को इस दुनिया से रुखसत हुए आज के दिन छह साल पूरे हो गए। निदा साहब गजल और शाइरी को कोठे की रूमानियत से निकाल कर खेत, खलिहान में गेहूं, धान, और आंगन में तुलसी के बिरवा की तरह रोप गये। उनके आदर्श मीरोगालिब नहीं बल्कि कबीर, तुलसी, […]

Continue Reading
Basant Panchami

Basant Panchami: जब महाप्राण निराला ने हिन्दू राष्ट्रवादी शक्ति को संगठित होने का आह्वान किया..।

Basant Panchami: जयंती/जयराम शुक्ल आज वसंतपंचमी के साथ महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निरालाजी की जयंती है। पाँच साल पहले जब “शिवाजी का पत्र मिर्जा राजा जय सिंह के नाम” को केंद्र में रखते हुए महाप्राण निराला की लंबी कविता के संदर्भ के साथ मेरा  एक लेख .पत्र-पत्रिकाओं में छपा तो कथित बौद्धिकों के बीच हाहाकार सा […]

Continue Reading

Budget: बजट का बूस्टर डोज किसके लिए!

Budget- जयराम शुक्ल Budget: मुद्दतों बाद ऐसा हुआ है जब बजट का सुर्ख शीर्षक बनाने में संपादकों के पसीने छूटे हैं..। कभी बजट पेश होने के एक दिन पहले अखबार के दफ्तर वार रूम में बदल जाते थे। दूसरे दिन इस बात का इंतजार रहता था कि..बजट की पंच लाइन देकर किसने खबर बाजार लूट […]

Continue Reading
YuvaDiwas

YuvaDiwas: दूसरों की जय से पहले खुद की जय करें!

YuvaDiwas/जयराम शुक्ल YuvaDiwas: स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श हैं। उनकी जयंती पर युवा दिवस मनाया जाता है। उनके बारे में इतना कुछ लिखा पढ़ा जा चुका है कि एक औसत युवा भी कुछ न कुछ तो जानता ही है। स्वामीजी ने भारतीय ग्यान परंपरा, अध्यात्म और सनातनी संस्कृति की कीर्तिपताका को विश्व में फहराया। अमेरिका […]

Continue Reading

Vishamta: विषमता की खाँई में विकास की समाधि

(Vishamta) वस्तुतः/जयराम शुक्ल Vishamta: लोकभाषा के बडे़ कवि कालिका त्रिपाठी ने कभी रिमही में एक लघुकथा सुनाई थी। कथा कुछ ऐसी थी कि..दशहरे के दिन ननद और भौजाई एक खेत में घसियारी कर रही थी। घास काटते-काटते बात चल पड़ी.. ननद बोली-भौजी ये दशहरा क्या होता है..? भौजी ने अकबकाते हुए जवाब दिया- ये दशहरा […]

Continue Reading

Life: हर पल मनाए जिन्दगी का जश्न

Life- जयराम शुक्ल Life: समय की गति के हिसाब से हर नया विहान ही नया वर्ष है। हर क्षण अगले क्षण की पृष्ठभूमि बनता जाता है। सृष्टि के अस्तित्व में आने के बाद से समय की गति ऐसी ही है… ऐसी ही चलती रहेगी महाप्रलय तक। महाभारत का एक दृष्टान्त है- राजसूय यज्ञ के उपरान्त […]

Continue Reading
Democracy

Democracy: चुनावी लोकतंत्र का पंचायतनामा!

Democracy: जनपक्ष/जयराम शुक्ल Democracy: हमारे इलाके के कद्दावर नेता स्वर्गीय रामानंद सिंह (सांसद व मंत्री रह चुके) अक्सर कहा करते थे- ये जो देश की व्यवस्था है न..बरमबाबा के चौरा की भाँति है पंडे बदलते रहते हैं पर अभुआने का ढंग नहीं बदलता। यह चक्र चलता ही चला आ रहा है, चलता ही रहेगा। यही […]

Continue Reading
Indo-Pak-Relationship-and-Atal-

Atal Bihari Vajpayee: भारत-पाक रिश्ते और अटल (Atal) जी

Atal Bihari Vajpayee जन्मजयंती/जयराम शुक्ल “इतिहास बदल सकते हैं भूगोल नहीं मित्र बदल सकते हैं पड़ोसी नहीं..!” Atal Bihari Vajpayee: विश्व के राजनीतिक के पटल में भारत के दो महान नेता ऐसे हुए जिन्हें शांति के नोबल पुरस्कार के लिए सर्वथा उपयुक्त माना गया लेकिन उन्हें मिला नहीं..। पहले हैं महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) और दूसरे […]

Continue Reading